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श्री प्रबोधानंद सरस्वती : वृंदावन महिमामृत के दाता  संगीत एवं वैराग्य के शिखर
·गौड़िया वैष्णव आचार्य·By प्रमोद कुमार शुक्ला

श्री प्रबोधानंद सरस्वती : वृंदावन महिमामृत के दाता संगीत एवं वैराग्य के शिखर

पहले प्रबोधानंद जी तर्क करते थे कि ब्रह्म निराकार है, लेकिन महाप्रभु के सानिध्य में उन्हें अनुभव हुआ कि सगुण साकार 'कृष्ण' ही परम सत्य हैं। महाप्रभु की कृपा से उनका 'मायावाद' का अहंकार ढह गया और वे पूरी तरह कृष्ण-प्रेमी बन गए।

दार्शनिक सम्राट श्री जीव गोस्वामी: गौड़ीय वैष्णवों को वैश्विक पहचान दिलाने वाले महान आचार्य
·गौड़िया वैष्णव आचार्य·By प्रमोद कुमार शुक्ला

दार्शनिक सम्राट श्री जीव गोस्वामी: गौड़ीय वैष्णवों को वैश्विक पहचान दिलाने वाले महान आचार्य

श्री जीव गोस्वामी केवल एक लेखक नहीं, बल्कि एक महान संगठनकर्ता भी थे। उन्होंने 'विश्व वैष्णव राज सभा' की स्थापना की, जो संभवतः दुनिया का पहला अंतरराष्ट्रीय वैष्णव संगठन था।

ब्रज के विश्वकर्मा श्री नारायण भट्ट गोस्वामी: जिन्होंने बरसाना में प्रकट की 'लाड़ली जी' की महिमा
·गौड़िया वैष्णव आचार्य·By प्रमोद कुमार शुक्ला

ब्रज के विश्वकर्मा श्री नारायण भट्ट गोस्वामी: जिन्होंने बरसाना में प्रकट की 'लाड़ली जी' की महिमा

उस समय बरसाना का क्षेत्र सघन जंगलों से ढका था और राधा रानी का प्राचीन मंदिर खंडित या लुप्त प्राय था। मान्यता है कि श्री राधा जी ने स्वयं उन्हें स्वप्न में दर्शन दिए और उस स्थान का संकेत दिया जहाँ उनका विग्रह दबा हुआ था।

महाप्रभु के प्रिय पार्षद श्री गोपाल भट्ट गोस्वामी
·गौड़िया वैष्णव आचार्य·By प्रमोद कुमार शुक्ला

महाप्रभु के प्रिय पार्षद श्री गोपाल भट्ट गोस्वामी

वे दक्षिण और उत्तर भारत के बीच भक्ति के सेतु थे। उनका संयम, शास्त्र निष्ठा और श्री राधा रमण देव के प्रति उनका अनन्य अनुराग आज भी हर भक्त के लिए प्रेरणास्रोत है।

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