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राधा रमण जी के 12 भाई व  प्रकटीकरण लीला
·प्राचीन सप्त देवालय·By प्रमोद कुमार शुक्ला

राधा रमण जी के 12 भाई व प्रकटीकरण लीला

गोपाल भट्ट गोस्वामी अपने साथ लाए गए शालिग्रामों की नित्य सेवा करते थे। संवत 1599 (1542 ईस्वी) के आसपास की बात है, वृन्दावन में एक धनी भक्त आए जिन्होंने सभी विग्रहों के लिए सुंदर वस्त्र और आभूषण दान किए।

ब्रज के दिव्य रक्षक: श्री कृष्ण के परम सखा श्री वृषभ जी की गौरव गाथा
·कृष्ण के बाल सखा ·By प्रमोद कुमार शुक्ला

ब्रज के दिव्य रक्षक: श्री कृष्ण के परम सखा श्री वृषभ जी की गौरव गाथा

वृषभ जी अक्सर बलराम जी के साथ प्रतिस्पर्धा करते थे। वे इतने बलशाली थे कि कई बार वे बलराम जी को कड़ी चुनौती देते थे

ब्रज के गौरव: श्री कृष्ण के अनन्य सखा श्री विशाल जी की दिव्य गाथा
·कृष्ण के बाल सखा ·By प्रमोद कुमार शुक्ला

ब्रज के गौरव: श्री कृष्ण के अनन्य सखा श्री विशाल जी की दिव्य गाथा

यद्यपि पर्वत श्री कृष्ण की छोटी उंगली पर था, किंतु विशाल जी का 'प्रेम' ऐसा था कि वे अपनी पूरी शक्ति लगा रहे थे ताकि उनके प्रिय कन्हैया को कष्ट न हो।

ब्रज के 'प्राण-प्रिय' सखा श्री सुबल: कृष्ण के प्रतिरूप और अनन्य प्रेम की दिव्य गाथा
·कृष्ण के बाल सखा ·By प्रमोद कुमार शुक्ला

ब्रज के 'प्राण-प्रिय' सखा श्री सुबल: कृष्ण के प्रतिरूप और अनन्य प्रेम की दिव्य गाथा

गौड़ीय वैष्णव दर्शन में 'सुबल-मिलन' का विशेष महत्व है। सुबल जी का चरित्र यह सिखाता है कि भगवान की प्राप्ति के लिए कभी-कभी अपनी पहचान भी खोनी पड़ती है।

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