
लोकेश सोनवाल की डीपी का इस्तेमाल करता ठग
नई दिल्लीः पुलिस के नाम और फर्जी पहचान के द्वारा ठगी और बेइमानी के अनेकों किस्से आपने सुनें और देखें होंगे ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के बरसाना से प्रकाश में आया है। बरसाना जहां श्री राधारानी का मंदिर और संतों का निवास है। ऐसे ही एक विरक्त संतों के साथ धोखाधड़ी करके रामेश्वर सैनी नाम का एक ठग भाग गया है और उसके अपनी पहचान छिपाने की नियत से अपने ट्रु कॉलर आईडी पर पुलिस की और व्हाट्सऐप पर IPS लोकेश सोनवाल की फोटो लगा रखी है। आरोपी का नाम रामेश्वर सैनी है और वो राजस्थान के दौसा जिले में तथाकथित तौर पर पत्थर का व्यापार करता है।
क्या है पूरा मामला?
बरसाना नगर पंचायत स्थित संकेत गांव में एक प्राचीन श्री राधा संकेत बिहारी जी मंदिर है। जिसका रख रखाव श्री राधा संकेत बिहारी ट्रस्ट की देख रेख में मंदिर के महंत श्री श्याम दास महाराज करते हैं। कई वर्षों की भिक्षा और दान पात्र व दानी लोगों की सहायता से श्याम दास महाराज ने मंदिर पर पत्थर लगवाकर सौंदर्यीकरण करवाने का निश्चय किया और इसके लिए उन्होंने एक पत्थर के कारीगर की खोज शुरू की, संयोग से उन्हें दौसा जिले के किसी पुलिस थाने में तैनात मनोहर जी मिलें और उन्होंने बाबा को रामेश्वर सैनी से मिलवाया।
13 लाख पचास हजार रुपए में दोनों पक्षों में काम करना तय हुआ, काम शुरू तो हुआ लेकिन खत्म नहीं, मजबूरी और पारिवारिक समस्या बता बता कर रामेश्वर सैनी ने बाबा श्याम दास से 14 लाख रुपए वसूल लिएं और गायब हो गया। 13 लाख पचास हजार में बात होने पर भी बाबा ने ट्रस्ट के माध्यम से तथाकथित तौर पर परिवारिक समस्या में फंसे रामेश्वर सैनी को 50 हजार ज्यादा कुल 14 लाख रुपए दिए फिर भी रामेश्वर सैनी ने 5-6 लाख का काम करके बाबा को धोखा दे दिया। इतना ही नहीं वापस काम शुरू करने के लिए वह फोन पर 50 हजार रुपए और एडवांस की मांग कर रहा है।
परेशान हुए बाबा ट्रस्ट मांग रहा जवाब
रामेश्वर सैनी को 50 हजार अधिक देने पर भी काम पूरा ना होने के और एक साल में काम खत्म ना होने पर ट्रस्ट के सदस्य महंत श्याम दास महाराज से इसका कारण पूछ रहे हैं। जिसका जवाब देना बाबा को भारी पड़ रहा है, जिसके चलते टेंशन के कारण पिछले कुछ दिनों से मंहत श्याम दास बाबा बिमारी भी है। बाबा श्याम दास ने खबर4इंडिया से बात करते हुए बताया की यदि इस बीमारी, तनाव और शर्मिंदागी के चलते उनको कुछ हुआ तो इसके जिम्मेदार रामेश्वर सैनी होंगे।
बाबा ने कहा ‘हम बहुत पहले ही माया और मोह को त्यागकर संन्यास धारण किए हैं, यदि हमें धन की लालच होती तो हम बैरागी ना होते आज हम ट्रस्ट के सदस्य और अन्य लोगों के सवालों में खुदको घिरा देखकर शर्मिंदा महसूस करते हैं। कोई खुलकर मुझे कुछ नहीं कहता लेकिन 14 लाख का हिसाब मेरे मन को खा रही है। रामेश्वर सैनी ने अच्छा नहीं किया। मैं अगर मर गया तो इस दुख के साथ जाऊंगा और मेरी मौत की जिम्मेदारी रामेश्वर सैनी की होगी’