
नई दिल्ली:- भारतीय जनता पार्टी से सुषमा स्वराज और कांग्रेस पार्टी से शीला दीक्षित के बाद आतिशी मार्लेना राजधानी दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री बनने जा रही है। बेबाक और निडर वक्तव्य के लिए जानी जाने वाली कालकाजी विधायक आतिशी मार्लेना अपने मात्र 10 साल के राजनितिक करियर में मुख्यमंत्री पद पर पहुंच गई।
हिंदू राजपूत फिर क्या है ‘मार्लेना’ का चक्कर?
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, दिल्ली की नई सीएम आतिशी के माता-पिता दोनों प्रोफेसर रहे हैं। उनके पिता विजय सिंह कट्टर कम्युनिस्ट थे। उन्होंने जाति और धर्म की पहचान का विरोध करते हुए आतिशी के नाम के साथ मार्लेना जोड़ दिया। यह उनका सेकेंड नेम था, सरनेम नहीं। मार्लेना में कार्ल मार्क्स और व्लादिमीर लेनिन के उपनाम मिले हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में आतिशी पर पंजाबी पहचान के आधार पर वोट मांगने के आरोप लगे। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि कालकाजी में 30 फीसदी वोटर पंजाबी हैं, इसलिए आतिशी धर्म के आधार पर वोट मांग रही हैं। इन आरोपों का आतिशी ने खंडन किया। उन्होंने कहा कि मैंने कभी वोट नहीं मांगा कि मैं पंजाबी हूं। मैं आम आदमी पार्टी के कामों के आधार पर समर्थन मांग रही हैं।